Off Page SEO in Hindi-Off Page SEO Techniques 2020, Checklist

Off Page SEO in Hindi

हमने अपने लेख SEO क्या है और कैसे करें में SEO के बारे में काफी कुछ पढ़ा था और हम On Page SEO के बारे में भी विस्तार से पढ़ चुके हैं। आइये अब Off Page SEO के बारे में पढ़ते हैं। अगर आपने ये दोनों पढ़ें हैं तो एक बार इन्हें जरूर पढ़ें। आइये अब विस्तार से सझते हैं कि Off Page SEO क्या है, Off Page SEO Techniques कौन सी हैं माध्यम से Off Page SEO को आसानी से कर सकते हैं।

What is Off Page SEO ? – Off Page SEO क्या है ?

सफल SEO दो तरीकों से किया जा सकता है। ये दोनों कारक SEO को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। On Page और Off Page ये दोनों उन दो पहियों के समान है जिसकी वजह से SEO की गाडी चलती है। On Site SEO हम पहले ही पढ़ चुके हैं। और अगर आपने नहीं पढ़ा है तो जरूर पढ़ें। अब पढ़ते हैं Off Page SEO के बारे में।

“Off-Page SEO” (जिसे “Off-Site SEO” भी कहा जाता है) उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें आप अपनी वेबसाइट को search engine results pages (SERPs) पर रैंक कराने के लिए जो भी कुछ अपनी वेबसाइट की सीमाओं से बाहर जाकर करते हैं।

ये वो रैंकिंग factors होते हैं जिनको publisher या ब्लॉगर कंट्रोल नहीं करता है या कहें की कर सकता है। Off Page optimization मूल रूप से SEO के लिए लिंक बिल्डिंग में काम करता है। Off Page SEO एक long term और समय लेने वाला process है। इसमें result आने में समय लगता है। इसमें बड़ी और high रैंकिंग साइटों, सोशल मीडिया और सोशल बुकमार्किंग से आपके वेबपेज के लिए बैकलिंक प्राप्त करना शामिल है। Off Page factors पीछे से काम करते हैं।

Why is Off-Page SEO important? – Off-Page SEO क्यों महत्वपूर्ण है ?

Off-Page optimization के बारे में बात करें तो, यहाँ ऐसे लोग भी हैं जो Off Page optimization को नज़रअंदाज़ करते हैं, लेकिन फिर भी जल्द जल्द से परिणाम की उम्मीद करते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी वेबसाइट रैंक करे, वेबसाइट visible होनी चाहिए और इसलिए On Page SEO और Off Page SEO में संतुलन बनाये रखना बहुत जरूरी है।

Back-end में Off Page SEO एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Off Page पर ध्यान दिए बिना, निश्चित रूप से आपकी वेबसाइट रैंक नहीं कर सकती है। यह प्रमुख कारकों जैसे लिंक बिल्डिंग, सोशल मीडिया, वीडियो, ब्लॉगिंग आदि के कारण है। यदि किसी वेबसाइट को किसी दूसरी वेबसाइट से reference की आवश्यकता है, तो उसे(वेबसाइट) सामाजिक रूप से सक्रिय होना होगा और अपनी तरह की और websites के बीच में इसे शेयर भी करना होगा। एक कामयाब off-site SEO रणनीति वेबसाइट के लिए निम्नलिखित लाभ लेकर आती है

ये भी पढ़ें On Site SEO

SEO क्या है और कैसे करें

Increase in rankings- वेबसाइट SERPs में high रैंक करेगी और इसका मतलब website पर अधिक ट्रैफ़िक भी है।

Increase in Page Rank – पेज रैंक 0 और 10 के बीच की एक संख्या है जो Google की नजर में एक वेबसाइट के महत्व को बताती है।

यह लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन (Google संस्थापकों) द्वारा आविष्कार की गई प्रणाली है और यही कारण है कि Google searcher को सबसे अधिक प्रासंगिक परिणाम दिखाने में सफल रहा है।

Establish Trustworthiness – उपरोक्त के अलावा, Google ने हाल ही में Expertise, Authority and Trustworthiness (E-A-T) के concept को पेश किया है, जो रैंकिंग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सीधे off-site SEO से संबंधित है।

इसलिए Off page factors SEO के लिए बहुत आवश्यक है।

Off page optimization techniques in Hindi

Off Page SEO की techniques का प्रयोग कर के आप अपनी वेबसाइट को रैंक करवा सकते हैं, अपनी वेबसाइट की पहचान बना सकते हैं, और फ्री आर्गेनिक traffic ला सकते हैं। आइए उन techniques को जानते हैं जिनके द्वारा वेब page को optimize किया जा सकता है। जिनमें प्रमुख हैं

1 Link Building

2 Social Media Marketing

3 Social Bookmarking

4 Guest Blogging

5 Brand Mentions

अब हम एक एक करके इनको विस्तार से समझते हैं।

1 Link Building-

ये Off Page optimization के सभी तरीकों में सबसे प्रसिद्ध तरीका है। Link Building को ऐसे परिभाषित किया जा सकता है, अपनी website के लिए external link को build करने को link building कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अधिक रैंक या वोट प्राप्त करना है। जितने ज्यादा backlink उतनी ज्यादा वेबसाइट की authority. आइये जानते हैं link building के कुछ नायाब तरीके:

Blog Directories – ये एक तरीके से yellow pages के जैसा है पर इसकी हर entry में एक लिंक होता है जो किसी वेबसाइट की तरफ इशारा करता है।

Forum signatures – फोरम पर comment करने से लोगों को अपनी वेबसाइट के लिंक को comments में छोड़ने का मौका मिलता है और ऐसा वो अपने signature के माध्यम से कर पाते हैं, क्यूंकि वो अपने signature के साथ अपनी साइट का लिंक भी डालते हैं।

Comment link – ये बिलकुल फोरम पर comment करने के जैसा है पर यहाँ आप फोरम की जगह किसी की वेबसाइट या ब्लॉग पर comment करते अपनी वेबसाइट का लिंक छोड़ सकते हैं। और सबसे अच्छा तरीका यहाँ पर कमेंट करने का यह है की यहाँ आप अपने असली नाम की जगह अपने keyword को इस्तमाल कर सकते हो। जैसे आपका नाम “मनोज” है तो आप “comment by manoj ” की जगह उसकी जगहcomment by “SEO Techniques” use करें।

Article directories – यदि आप article directories में अपना लेख प्रकाशित करते हैं, तो आपको अपनी वेबसाइट के लिए एक बैकलिंक मिलेगा। मुख्य रूप से directories केवल original content को ही स्वीकार करती हैं, लेकिन कुछ directories ऐसी होती हैं जो ऐसे लेख को स्वीकार कर लेती हैं जिनके शब्दों को थोड़ा बदल कर सबमिट किया जाए।

Shared content directories – Shared content directories जैसे hubpages या infobarrel की तरह की website आपको अपने content को publish करने देती है बदले में आप अपनी वेबसाइट का लिंक वहाँ डाल सकते हैं।

Link exchange schemes – ये एक बहुत ही दिलचस्प तरीका है link build करने का। इस तरीके में क्या होता है की कई अलग तरह के websites के webmasters से संपर्क करना होता है और उनको इस बात के लिए प्रेरित करना होता है कि वो अपनी वेबसाइट के articles में आपकी वेबसाइट का link डाले और बदले में आप अपनी वेबसाइट में उसकी वेबसाइट का लिंक डाले। इसको करने का एक और complex तरीका है। इसमें ‘X’ ‘Y’ की वेबसाइट का लिंक अपनी वेबसाइट में डालता है और बदले में ‘Y’ अपनी किसी दूसरी वेबसाइट में ‘X’ की वेबसाइट का लिंक add करता है।

2 Social Media Marketing-

लिंक बनाने का दूसरा तरीका है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, ट्विटर इत्यादि) पर अपनी वेबसाइट को जोड़ कर। यह traffic को आकर्षित करने का एक शानदार तरीका है। सोशल मीडिया पर आपके द्वारा देखे जाने वाले लिंक आम तौर पर “no follow” लिंक होते हैं, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि उन लिंक का कोई मूल्य नहीं है। अपनी वेबसाइट का सोशल मीडिया पर प्रचार आपकी वेबसाइट पर बहुत अच्छा traffic ला सकता है।

3 Social Bookmarking-

यह आपकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक को बढ़ावा देने और आकर्षित करने का एक और शानदार तरीका है। आप अपने ब्लॉग को प्रसिद्ध वेबसाइटों जैसे कि Reddit, ScoopIt, digg, StumbleUpon आदि पर प्रचार करके अच्छा खासा traffic ला सकते हैं। ऐसी साइटों पर content बहुत जल्दी update होता है, जिसे सर्च इंजन भी पसंद करता है।

4 Guest Blogging-

आप चाहें तो अच्छी और high रैंकिंग websites पर अपने article पोस्ट कर सकते हैं। और बदले में वो आपको अपनी वेबसाइट का लिंक वहाँ पर डालने की इजाजत दे सकते हैं। लेकिन सच कहें तो ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो ये बहुत जल्द आपकी वेबसाइट पर अच्छी मात्रा में traffic ला सकता है।

5 Brand Mentions-

Google brands को बहुत महत्त्व देता है और branded websites को शीर्ष पर रैंक करना पसंद करता है। इसका कारण Expertise, Authority और Trustworthiness है जिसके बारे में हम ऊपर पढ़ चुके हैं। ब्रांड अधिक विश्वसनीय होते हैं और users द्वारा अधिक विश्वास किये जाते हैं जो कि अच्छे user experience को बढ़ावा देता है और अंततोगत्वा Google के users परिणामों से अधिक खुश होते हैं।

Brand mentions, link building और social media marketing के बीच अंतर यह है कि brand mentions का आपकी वेबसाइट की ओर इशारा करने के लिए लिंक की आवश्यक नहीं है। यह forums, articles, reviews या social media networks में आपके ब्रांड का उल्लेख कर सकता है।

Google क्रॉलर इन संकेतों को ‘पिक’ कर सकते हैं और उनका मूल्यांकन कर सकते हैं कि आपके ब्रांड को अन्य लोगों द्वारा कैसे देखा जा रहा है और इसके आधार पर वो इसकी अधिक सटीक तस्वीर बनाते हैं।

आपकी off-page SEO रणनीति में, आपको अपनी वेबसाइट, उत्पादों या लेखकों के किसी भी सकारात्मक उल्लेख को follow करना चाहिए और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि आप नकारात्मक या भ्रामक टिप्पणियों का जवाब अवश्य दें।

Off Page SEO Checklist

अगर आपने पूरा article पढ़ा है तो मैंने इसकी एक checklist नीचे बनायी है :

  • सुनिश्चित करें कि आप On page SEO और Off page SEO के बीच अंतर को समझते हैं।
  • सबसे पहला focus आपका link building की तरफ होना चाहिए।
  • पर link building के लिए कोई अवैध तरीका न प्रयोग करें जिसे Google सही नहीं मानता। और बहुत अधिक संख्या में भी आप जगह जगह अकारण लिंक न डाले। Google बहुत समझदार है वो इसको पकड़ सकता है और आपके ब्लॉग पर पेनल्टी लगा सकता है।
  • अच्छे forums को सर्च करें और उसके नियमों का पालन करते हुए ही comments करें और लिंक add करे।
  • लिंक add करने का मतलब ये नहीं है कि आप वहां पर comments और links की भरमार कर दे। आप जो भी comment या सुझाव दें वो forum के लिए उपयोगी होना चाहिए। ताकि वो कहीं से भी ये न लगे की आपका मकसद सिर्फ link add करना ही है।
  • अपने प्रोफाइल में अपनी वेबसाइट के लिंक को इस तरह से डाले की आपके comment करने से आपके नाम के साथ आपका link अपने आप चला जाए।
  • अपने नाम की जगह आप अपने article या ब्लॉग का keyword डालें।
  • सोशल मीडिया का समझदारी से प्रयोग करें। आज के समय में यह सबसे अच्छा तरीका है अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को पॉपुलर करने का। सोशल मीडिया पर बनायी एक सही रणनीति आपकी website या ब्लॉग पर खूब ट्रैफिक ला सकती है।
  • Guest blogging के लिए अपने niche से सम्बंधित वेबसाइट owners से सम्पर्क स्थापित करें और उनकी वेबसाइट के लिए लिखें ऐसा करने से आपको अपनी वेबसाइट को promote करने का अवसर भी मिलेगा।
निष्कर्ष

Off-page SEO factors और On-page SEO factors दोनों एक सामान महत्वपूर्ण हैं। एक सफल SEO optimization करने के लिए, दोनों का किया जाना आवश्यक है। पहले स्पैम लिंक बनाने से रैंक करना आसान था लेकिन, पेंगुइन और पांडा अपडेट के बाद, यह बहुत मुश्किल हो गया है। Quality links बनाने के लिए Off-page SEO factors में बहुत अधिक अधिक मेहनत करनी पड़ती है। दोनों factors एक दुसरे के पूरक हैं। इसलिए ये दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पर फिर भी अगर आपका On Page SEO ठीक नहीं है तो Off Page SEO कुछ नहीं कर सकता।

मैंने पूरा प्रयास किया है कि आपको Off Page SEO को सरल से सरल शब्दों में समझा सकूं। फिर भी अगर कोई त्रुटि रह गयी हो तो आप comment बॉक्स के माध्यम से जरूर सूचित करें। और इस लेख से सम्बंधित कोई सुझाव हो तो जरूर बताएं। हम हमेशा कुछ नया सीखने के लिए प्रस्तुत हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here